

LMO प्रशांत त्रिपाठीMay 25, 2021
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पिता ।।।
Read by : Prashant Tripathi
May 25, 202104:41

हमसफर बना लो।।।
रूह को छू जाने वाली कविता पढ़ने की गुस्ताखी की है । उम्मीद करते है आप सभी को पसंद आएगी।
Apr 01, 202101:26

यादें।।। Read by : Prashant Tripathi
अधूरे प्यार की दास्तान...
Feb 07, 202102:43

इज़हार का डर।।। Read by : Prashant Tripathi
यह कविता आपके मोहब्बत की हर उस पल को आपको याद कराएगी जब जब आपकी हर धड़कन अपने प्यार के लिए धड़कती थी और उस मोहब्बत को बयां करने कि मन में चल रही कवायद क्या मोड़ लेती है वो आपको इस कविता में उन्ही दिनों की यादों को याद कराएगा ।
Feb 07, 202101:28